Thursday, August 4, 2011

जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था

जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था ,
हर रात वैसी ही बीती जैसा तुमसे सुना था 
हर तरफ बस जालसाजी का बस्ता लिए वो मिले 
जैसा तुमने वास्तविक में मेरी सांसे से कहा था 


अब तलक हैरान हूँ मै, क्यूँ मै चलता जा रहा 
किस तरह के अंत का मै रास्ता बनता बुनता रहा 
मिन्जिलों के पीछे छोड़ रास्तों पर बढता गया 
जिंदगी ऐसी मिली जैसा तुमने कहा था !

अब तलक तो हर साँस में ख़ुशी का हालत है 
अब तो हमको बस सांसों का ही अहसास है 
देखते है कब तलक हम तुमको खोजेंगे इस कदर 
क्या पता कर राम का हिउ नाम सत्य हो जाये
जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था ,
हर रात वैसी ही बीती जैसा तुमसे सुना था !


अब तलक तो बस उदर की ही लड़ाई लड़ रहा
तुमसे मिलने के वास्ते रेत पर मै चल रहा 
तुम न तो सही फिर भी तुम्हे बतला दूँ मै
तुम नहीं तो जिंदगी में बस अँधेरा चाहिए 
जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था ,
हर रात वैसी ही बीती जैसा तुमसे सुना था 

हालत के मंजर पर हमने जिन्दाको रख दिया
एक एक कर हर साँस को तेरे नाम ही कर दिया
जो कभी तुमको लगे मई थक गया प्यार से
ले लेना ये जिंदगी, जो तुमने हमे दी ही नहीं
जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था

Wednesday, May 25, 2011

मेरी तमन्ना कही दम ना तोड़ दे

तुम्हारे और मेरी सांसों के बिच एक बंधन है
देर मत करना ,कही ये सांसे साथ न छोड़ दे 
तुम तो हकीकत मेरे हर ख्वाब की जल्दी आना 
मेरी तमन्ना कही दम ना तोड़ दे  !

सुबह आयी है एक नया उन्माद ले कर 
आज मै निकलूंगा जहन में तेरा प्यार लेकर 
कुछ दूर ही सही मेरे दिल के साथ चलना ,
जब जाना तो भी कोई बहाना बना लेना 
मेरा दिल जरा सा डरता है तुम्हे खोने के डर से 
कही ऐसा ना हो ये दिल मखमल पर गिरे और दम तोड़ दे 

बड़ा ही नाजुक है ,कुछ समझता नहीं तुम्हारी बातों के सिवा 
बड़ा सर्मिला है, कुछ करता नहीं तुमारी यादों के सिवा 
देखो जाते जाते भी इसे इल्जाम दे जाना 
कही ऐसा ना की तुमको बेवफा समझे 
और जीना छोड़ दे 


बड़े लोग है दुनिया में जो इसको समझायेंगे 
पर ये तो दिल है जो कुछ कहने से समझता कहा है 
जाते जाते दो बाते तुम भी समझा जाना 
कही ऐसा ना हो की ये कोई फैसला कर दे !

ये गहरा है समंदर की तरह 
लहरे भी उठती है भावनाओ की 
जाते जाते इन लहरों एक पत्थर फेक जाना 
कही ऐसा ना हो की ये डूबे  
और लहरों को समझने भी ना दे !!

Saturday, May 21, 2011

मुझे माफ़ करना ! साथ नहीं दे पाउँगा


वो पुचाती है मुझसे एकसर की क्या किया जाये
मै कहता हूँ चलो आज जी भर के जिया जाये
ना जाने कब क्या हो जाये आने वाले कल में
क्यूँ ना आज जी भर आपकी निगाहों में खोया जाये

कहने को तो बहुत कुछ है पर डर लगता है मुझे
क्या जाने कौन सा सच उन्हें जख्म दे जाये
तुम तो हकीकत हो मेरी सांसो की
सोचता हूँ क्यूँ ना हर पल बस आप के साथ जिया जाये

मेरी तकलीफ कुछ ऐसी है की,
 ना रख सकूँगा और ना कह सकूँगा
क्यूँ ना आज सब कुछ भूल के आखिरी बार
प्यार के रंगों में खोया जाये

Tuesday, April 19, 2011

मेरी हकीकत हो या एक ख्वाब कहना मुस्किल है



मेरी हकीकत हो या एक ख्वाब कहना मुस्किल है 
तुम मुह्हबत हो या जीने की जरुरत कहना मुस्किल है 
मैंने जीने के लिए एक ख्वाब बनाया है 
वो चेहरा तुम हो ये जानकर भी भूल जाना मुस्किल है 
हकीकत में जिंदगी के कुछ पन्ने ही लिखे मैंने 
उन पन्नो को खुद से फाड़ देना मुस्किल है 
एक झूठे सच को लेकर कब तक चलूँगा
तुम मेरी हो ये झूठ खुद से कब तक कहूँगा 
सच को दिल में दबा कर तुझे याद करना मुस्किल है 
लोग तो कहते ही की हम बेवफा निकले 
आज तुमने जो बेवफा कहा भरी महफ़िल में 
ये सुन कर भी जीना बड़ा मुस्किल है 
हमने तो बेवफाई की कसम खाई थी की 
तुम्हे कोई इल्जाम न दे 
बिखरे तिनको जो जोड़ना बड़ा मुस्किल है 
तुम्हारे इश्क ने रुसवा किया ज़माने से 
यूँ अकेले तन्हा जीने में बड़ी मुस्किल है 
हर एक पन्ने पे लिखा था नाम तेरा 
यु ही किसी पन्ने को खो देना जरा सा मुस्किल है 


Tuesday, March 29, 2011

तुम जो एक बार कह देते तो


तुम जो एक बार कह देते तो
जिंदगी का दौर बदल जाता
तुम जो साथ चलते तो
हालत का मंजर भी बदल जाता
यूँ तो तुम बहुत ही मिलनसार हो सब कहते है
जो एक बार हमसे मिलते तो
जिंदगी का ख्वाब बदला जाता
हालतें जिंदगी कुछ इल्म तुम्हे भी दे
कहते है बड़े शायर मिजाज है हम
जो एक बार निगाहों में देख लेते तो
हमारा भी नजरिया बदल जाता
फर्क था मेरी और तुम्हारी बातों में
फर्क न था हमारी और तुम्हारी सांसों में
जो एक बार कह देते तो
बातों के दर्मिया जो फर्क था वो सिमट जाता
हमने सुना है की तुम्हे बड़ा शौख है
दिवाली में दीपक जलने का
जो एक दीपक मेरे नाम का भी जलाते तो
मेरी जिंदगी का भी अँधेरा मिट जाता

Wednesday, March 23, 2011

love that i can not define

you are in my dream thats why i do not want to wake up

you are in soul thats why do not want to die early

you are the most beautiful thing in universe

thats why i do not want to lose you

you are the morning thought of my mind

thats why i do not want create any alternate

you are the sound of that song which i heard every night

thats why i can not live without you

you are the most lovable thing in world after you

thats why i do not want to lose you

i am the part of your

i love you so much

thats why i want to live with you always

and forever ......

love you mom

Monday, March 21, 2011

तुम्हारी आँखों में जब से देखा है

तुम्हारी आँखों में जब से देखा है

डर लगता है तेरे एशियाने में

तेरे चहरे को जब से देखा है

डर लगता है तेरे पास आने में

मैंने जब से तुम्हे चाहा है

डर लगता है तुमको भुलाने में

वैसे तो जिंदगी मैंने देखे कई रूप तेरे

पर डर लगता है सबको बताने में

अब क्या कहूँ तू तो खुद से करती है नफरत

बड़ा समय लगा ये खुद को समझाने में

फलसफा मेरा हो किसी और का

कोई भेद भाव नहीं तेरे अन्दर

जमाना लगता है ये बातें सबको समझ आने में

तू तो जिंदगी है ,कोई इमां कोई धर्म नहीं है तेरा

किसी से प्यार नहीं , तो नफ़रत भी नहीं

पर बड़ा समय लगाती हो तुम मौत से मिलाने में

आखिरे सांसे और ये दर्द ,

कब तलक देखेंगे हम इस तरह

बहुत समय लगता है मेरी जान

इन्सान को समझाने में

Friday, March 11, 2011


महफ़िल-ये-हसीं में एक शख्स अच्छा सा लगा ,

नज़र से मिला कर नज़र , हटाना अच सा लगा,

वो शख्स जिस पर महफ़िल की आंखें जमी हुई थीं

उस, शख्स का आदाब कहना सब से अच्छा सा लगा

सब हो गए मदहोश पी ,पी कर

सब को दे कर "जाम" हमें ना देना अच्छा सा लगा ,

कुछ देर के लिए ही सही तुम तुम तसरीफ तो लाये

उसके तसरीफ लेन की अदा देख अच्छा सा लगा

अलविदा तो सब ने कहा पर उसकी बात ही कुछ और है

झुक कर खुदा हाफिज कहना ,अच्छा सा लगा ,

ऐसे लोग और ऐसी महफ़िलें ,ये सोच के पिया

फिर हीरे का कोयले से निकलना अच्छा सा लगा !!!!!

Thursday, March 10, 2011

लम्बे समय से तलाश थी तुम्हारी


लम्बे समय से तलाश थी तुम्हारी

मैंने जीवन का त्याग किया

तरसता रहा सच के लिए तेरे बिना

और अब तुम मुझे मिले हो

तो जैसे सब कुछ मिल गया है !

तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर

देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर

तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !

मुझे पता है की तुम आयी हो प्यार के पंखो के सहारे

स्वर्ग से

तुम लायी हो सच को मेरे पास

जिसके लिए मै तरसता रहा

अब लगता है सफ़र ख़त्म होगा

तुम्हारे साथ !

तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर

देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर

तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !

Tuesday, March 8, 2011

अब और खुश रहने को जी नहीं करता


अब और खुश रहने को जी नहीं करता ,
अब और यूँ उलझाने को जी नहीं करता ,
यूँ तो मेरे रास्तों पर लड़खड़ाने का सिलसिला
चलता रहता है ,
बस अब और इन रास्तोंपर गिराने को जी नहीं करता !
बहुत कुछ मेरे पास है खोने को
बहुत कुछ है मेरे पास रोने को
यूँ कब तलक चलेगी मेरी सांसे
अब और सांसों को तकलीफ देने को जी नहीं करता !
हर तकलीफ मुझे खुशियों की याद दिलाती है
हर ख़ुशी मुझे फिर से गम दे जाती है
अब कब तलक चलेगा सिलसिला तेरा मेरा
अब और तुझे याद करने को जी नहीं करता ,
आजा मेरी हर बात तुझे याद करती है
नाजा की तेरी हर बात मुझे परेशां करती है
अब और तुझसे दिल लगाने को जी नहीं करता
अब और खुश रहने को जी नहीं करता !!!!!!

Monday, February 28, 2011

एक माला मेरे प्रेम की !



एक माला मेरे प्रेम की !

by Raj Mishra on Tuesday, 01 March 2011 at 00:52

मै करने चला समर्पित एक माला

ना चाँदी,ना सोना ,ना हिरा ,ना ही मोती

तेरे चरणों में करने चला समर्पित

एक माला मेरे प्रेम की ,

तू निश्छल ,तू ज्ञानी

तुम हो अंतर्यामी

मेरे भी प्रेम को अपनाओ

पहनो मेरी माला प्रेम की ,

तेरे चरणों में सब कुछ है

क्या करूँ समर्पण पीड़ा थी

पहले एक हार बनाया फूलों का

फिर देखा भवरा, उस पर जा बैठा

फिर एक माला बनायीं यादों की

पर उससे भी ख़ुशी न मिली

बहुत सोचा ,बहुत घुमा

कुछ मिला नहीं संसार में

फिर उल्छां क्या करूँ समर्पित

फिर एक विस्वास मिला ,एक आश दिखी

फिर मैंने किया समर्पित

एक माला मेरे प्रेम की !

Saturday, February 26, 2011

यूँ तो हम फिरते है तेरी गलियों में बेजान होकर


यूँ तो हम फिरते है तेरी गलियों में बेजान होकर
कभी न कभी तो मिलोगे मेरे खुदा अंजान होकर

नहीं करूँगा कोई अर्जी तेरी महफ़िल में
यकीं है जो मुझे चाहिए वो तू देगा मेहरबान हो कर

देर से ही सही कभी तो याद आएगी तुझे मेरी
उस दिन मै ऐसे ही मिलूँगा इन्सान होकर

देखना है तेरा सिमट कब तक रहेगा मुझ पर
कभी न कभी तू भी मेरी गलियों से गुजरेगा भगवन होकर !

सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम

सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम
इसे इश्क कहू या तोफा
सोचता हूँ लिख दूँ तेरा नाम
पर डर लगता है कही तू हो ना जाये बदनाम
सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम !!!!

जिंदगी के पास भी हम जिंदगी के बाद भी हम
क्या कहूँ इसको? सुबह कहूँ या शाम
हर उजाला रात है ,हर अँधेरे में आस है
सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम
इसे इश्क कहू या तोफा
सोचता हूँ लिख दूँ तेरा नाम
पर डर लगता है कही तू हो नाजे बदनाम
सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम

है उछाला हाँथ से माँ ने बचपन में
जिंदगी ने क्यों उछाला है ये उल्छां
सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम
इसे इश्क कहू या तोफा
सोचता हूँ लिख दूँ तेरा नाम
पर डर लगता है कही तू हो नाजे बदनाम
सोचता हूँ क्या रखूं जिंदगी का नाम !!!

हर पल तेरी याद आती है


हर पल तेरी याद आती है
दिल करता है रूबरू हो जाऊ
तुम तो शबनम हो जन्नत की
तिल करता है तेरी खुशबु हो जाऊ

हिम्मत नहीं करता दिल कभी कहने की
लगता है जैसे तेरे प्यार में फ़ना हो जाऊ
समंदर को प्यास है किसी से मिलने की
दिल करता है समंदर ही तेरे नाम कर जाऊ

मेरी इन्तहां को बुजदिली का
नाम मत देना
कही मै तुम्हारी जिंदगी न बन जाऊ
सफ़र तो चलता रहता है जिंदगी का
सोचत हूँ तुम्हे जिंदगी की मंजिल बना जाऊ

दिल रखते है इसलिए दिल की बात करते है
एक बार अजमा के देख तुझे ही अपना खुदा बना जाऊ

कुछ भूल चूका था वो याद आया


कुछ भूल चूका था वो याद आया
कुछ ख़ुशी हुयी ,कुछ दर्द हुए
कुछ याद रहा ,कुछ भूल गए
अब याद करूँ तो मै कैसे
अब बस तू ही दिखता है मुझको
बहुत दिनों के बाद मुझे कुछ याद आया

दिल करता है जी भरके रो लूँ मै
कुछ सुन लूँ मै ,कुछ कह लूँ मै
अब डर लगता है रोने से
कुछ कहने से कुछ सुनने से
बहुत दिनों के बाद मुझे कुछ याद आया

दिल तेरी बातें करता है ,दिल तेरी बातें सुनता है
तू दिल है मेरा फिर क्यूँ उसकी बातें करता है
कुछ डूबा है ,कुछ उबर है
दिल की दुनिया है ये
यहाँ सब कुछ बिखरा है
बहुत दिनों के बाद मुझे कुछ याद आया
कुछ भूल चूका तो वो मुझे याद आया

आज रात बारिश आई तो सोचा जी लूँ थोडा बचपन की तरह


बुँदे बारिश की सुहानी लगती है इसकदर

जी भर के खेलना चाहता हूँ बचपन की तरह

वही उन्माद ,वही चाहत ,वही प्रेम

सब कुछ सवतंत्र मन से बचपन की तरह

हर बूंद जैसे मन पर गिरती है ,

हर बूंद जैसे सांसो को भिगो देती है

हर साँस भी चल रही थी बचपन की तरह

बचपन मासूम ,भोला ,नटखट और उन्मुक्त बंधन से

जी भर के खेलने को जी कर रहा है ,

आज रात जो बारिश आई तो मनो

लहर सी दौड़ पड़ी ,मै बाहर आया

बारिश में भीगा ,हर बूंद को महसूस किया

खूब बचपना करने की कोशिस भी की

पर आज ऐसा कुछ भी नहीं था बचपन की तरह

कुछ लोग बेघर हो इंजर में थे बारिश के जाने का

शायद मुझे देख कुछ बडबडा भी रहे थे

अब ऐह्शास हुआ अब कुछ भी नहीं रहा बचपन की तरह ,

आज रात बारिश आई तो सोचा जी लूँ थोडा बचपन की तरह

Friday, February 25, 2011

मै डूब जाऊ कही तो मुझे खोजने मत जाना


मै डूब जाऊ कही तो मुझे खोजने मत जाना ,

ये तूफान है सागर का,

डूबते कही है और निकलते कही है ,

जो मै कही खो जाऊ तो मेरी तलाश मत करना ,

ये मेला है लोगो को ,

दिखाते एक जैसे है पर होते नहीं है ,

जो मै कभी तुम्हे लगे की भूल जाऊ तो याद मत आना

यादें तस्बीर है कल की ,

दिवार पर तो अच्छी है पर दिल में होती नहीं है ,

जो मै कभी तुम्हे इंकार कर दूँ पहचाने से तो

हैरान मत होना

ये आदत है हम इंसानों की कहते बहुत है करते नहीं हैं

जो मै कभी तुम्हे छोड़ के ग़ुम हो जाऊ कही

मेरे वास्ते दीपक मत जलना ,

इधर दुआ होगी ,उधर तो बस पतिंगा ही जला है

जो मै कभी मेरी आत्मा से नाराज हो जाऊ

परेशां मत होना ,

आवाज मत देना ,

याद मत करना ,

इंतजार भी मत करना ,

ये तो भावनाए है मन

बनती भी यही है और बिगड़ती भी यही है ,

मै डूब जाऊ कही तो मुझे खोजने मत जाना ,

ये तूफान है सागर का,

डूबते कही है और निकलते कही है ,

Sunday, February 20, 2011

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Aaj mili khushiya itni ki, ji bhar ke roya hun mai















Aaj mili khushiya itni ki, ji bhar ke roya hun mai
Kaun kahega unse ki sab jate-jate khoya hun mai

Tujhako dekha hai sapno me,sapno me bate ati hai
Jhukane ki baten karte ho ,har roz mujhe samjhti hai
Mat karo pyar kisi se tum,aksar ye bate ati hai
Har din ki kali rato me yaad tujhe kar soya hun mai
Aaj mili khushiya itni ki, ji bhar ke roya hun mai


Chal bat khatam karte hai kaphir
Kab jana hai, kab ana hai
Kab jate huye rulana hai
Teri sari bato ko ek jam me pita aaya hun mai

Koi nahi raha apna kisko hum dard sunane baithe hai
Suna kar bhi nahi suna paye tab khushiya lekr aye hai
Ab to dard ki bari hai, apna hi ghar suna sa hai
Ai “Raj” bata de inko tu, wafa hi karta aya hun mai

Koi bat nahi koi sath nahi Mahphil bhi khali khali hai
Mere jane ke bad sanam tere ghar me diwali hai
Tu nahi hua mera to kya tera banane aya hun mai
Aj hai antim ekrar sanam, alwida kahne aya hun mai

Shabdo ki mala sath liye , vadi ko phool banata hu
Ban jao meri dulhan tum , har bar ayi dohrata hun
Par aj nahi hoga aisa kuch aisa dikhalata hun mai
Maut hume do shayrana, yahi gujarish lekr aya hun mai

Par tu bhi nikla befwa kya wafa ki bate karta hai
Ja deta hun maut tujhe, tu bhul nahi sakta hum-dardi
Aaj mili khushiya itni ki, ji bhar ke roya hun mai
Kaun kahega unse ki sab jate jate khoya hun mai

आखिरी तमन्ना






हर वक़्त सांसो की आहत को महसुसू करता हूँ
तेरी खुशबु इन हवाओं में धुड़ता हूँ
खुदा के दरवाजे पे दीपक जला कर
तेरे घर में उजाले की दुआ करता हूँ!!

खुदा मेहरबान है तेरी किस्मत पर
मुझे खुद भी गुमान है तेरी हिम्मत पर
इसी गुमान में जीवन गुजर जाये
इसी जीवन में तेरी खुशियों की दुआ करता हूँ

तुझे तो सब कुछ मिला , जो तुने चाहा
ये सच है की ,तुने मुझे कभी नहीं चाहा
पर तेरी इसी नफरत को मुह्हबत मान कर
मै जिंदगानी बसर करना चाहता हूँ !

कोई तमन्ना नहीं है ,"raj" ये आखिरी है
भूल सको तो भूल जाना मुझे , ये काफिरी है
फिर भी आखिरी सांसों में बन कर रहोगी आहट तुम
यही खुदा से आखिरी गुजारिश करता हूँ !!!!!

Dard ki bhi apni kahani hai


Dard ki bhi ek kahani hai
ye mere pyar ki nishani hai
Har kadam par teri khushbu hai
Shayd khuda ki ye mahrbani hai

Aj aapne jine ki dua di mujhako
Dard jhelane ki saja di mujhako
Gar yanki ho to ek bar sun lo humko
Ab bhi mere hontho par ek kahani hai

Chand ki ye kya bemani hai
Chandni rate kitni puhani hai
Har sanse yad karti hai tujhako
Par meri har saans me kurbani hai

Kurbatein karta hai dil har bar
Dekhne saj nahi ata koi har bar
Intaha mat lo mere muhhabt ki
Aj bhi ye aaine ki kahani hai

Rubru hone de mujhe khuda ho kar
Aj phir jine de fija hokar
Kal ki bat mat yad dila wo purani hai
kya tere jivan me meri nishani hai

Dard ki bhi ek kahana hai
mere pyar ki nishani hai
Har kadam par teri khushbu hai
Shayd khuda ki ye mahrbani ha

it was a day when i leave college


roz ki jindagi me ek udasi chhai hai

college ki life me tanhai chhai hai

wahi class ladai fir se ayi hai

jane kisase milne ko betabi chhai hai

sach ke samander me virani hai

shayd jate huye sipahi ki kahani hai

ab ruk jao hum aman chahte hai

akhir ye kiski ant ki kahani hai

sar ko jhukane ki gujarish hai

pyar ke dekhne ki gunjaish hai

kab tak ladoge tanhai se

muhhabat humko samajhane ayi hai

us mulakat ko yad karo jab hum tanha the

us bat ko yad karo jab hum musafir the

bhul kar mil jate hai gale dusmani ko

hame to apke pyar ki khwaish hai

aj alwida kahne ka din aya hai

sath me udasi ka mahaul laya hai

koi nahi hai kahne ko apnaa

bas mahaul me matam sa chahya hai

chalo ab alwaida kahte hai tumko

mile na mile yad rakhana humko

mana ki hum bure hai teri nigahon me

par hume yad rakhana ye hamri akhiri khwayish hai……..







har bar ek hi anjam mila,jab dil lagaya to sala dil be-eman mila

kahte the log wafa mat karna ,har bar mujhe pyar be-iman mila!

wo kahte the meri samse tumse hi chalti hai
...har sapna tumse se shuru hota hai katm bhi tumhi par
har bar jo sapna mila kahane ko to unko tha
par jab bhi mila ye khwab bhi be-eman mila,
har bar koshis ki dur talak jane ki,
har kosis ki majil thi tumhe pane ki
chalta raha raste par jo tumne batye the
tera bataya hua har rasta samsan mila
pyar kiya bhi to ishq be-iman mila!

उन्हें एक शौक था ,दिल लगाने का


उन्हें एक शौक था ,दिल लगाने का

हर बार किसी का दिल दुखाने का

गुफ्तगू करते रहे वो हमेशा मुझसे

उन्हें तो शौक है आशिक बनाने का !

आज कहा है आजकल कुछ खबर नहीं

पर आज भी दिल करता है तुम्हे अपना बनाने का

कुछ खास मिला नहीं उनसे यादों के सिवा

तमन्ना भी कहा थी प्यार पाने के सिवा !

एक बार कहा उन्होंने एक संगीत है दिल में

आपके वास्ते ,

आज वो कहा है कुछ कबर नहीं है

वो संगीत और उनका प्यार मेरे दिल में अमर है

उन्हें तो शौक है कहर गिराने का

हमे आज भी तम्मना है उन्हें अपना बनाने का !

तेरे संगीत को भूल जाने की कोसिस जो की

जिंदगी जैसे मौत से मिलाने की हिमाकत सी की

अब और दर्द होने लगा अकेले पन में

तुम्हे तो आदत है हर बसंत में नया घर बनाने की

मै खुश हूँ ,मै हिम्मत जो की आपसे दिल लगाने की ,

बड़े रिश्ते बनाये उस वक़्त तुने

जीने को जी करते था तुम्हे देख कर

हर वक़्त बस ख़ुशी थी चेहरे पर ,पर

तुम्हे तो शौक है रोगों को रुलाने का

आज भी इंतजार तेरे आने का

आज भी लगता है जैसे कल की बात है

आखिरी बातें तेरी सब कुछ याद है

वापस आ जाओ जिंदगी मिल जाएगी मुझे

आज भी तेरे आने का इंतजार है