तुम नहीं तो जिंदगी में बस अँधेरा चाहिए
हालत के मंजर पर हमने जिन्दाको रख दिया
एक एक कर हर साँस को तेरे नाम ही कर दिया
जो कभी तुमको लगे मई थक गया प्यार से
ले लेना ये जिंदगी, जो तुमने हमे दी ही नहीं
जिंदगी वैसी ही गुजरी जैसा तुमने कहा था
मै लिखता हूँ तुम कहते हो की खूब लिखा क्या खूब लिखा मेरे दर्द पर ताली बजती है ना तुम्हे दिखा न उन्हें दिखा ...............................
you are in my dream thats why i do not want to wake up
you are in soul thats why do not want to die early
you are the most beautiful thing in universe
thats why i do not want to lose you
you are the morning thought of my mind
thats why i do not want create any alternate
you are the sound of that song which i heard every night
thats why i can not live without you
you are the most lovable thing in world after you
thats why i do not want to lose you
i am the part of your
i love you so much
thats why i want to live with you always
and forever ......
love you mom
तुम्हारी आँखों में जब से देखा है
डर लगता है तेरे एशियाने में
तेरे चहरे को जब से देखा है
डर लगता है तेरे पास आने में
मैंने जब से तुम्हे चाहा है
डर लगता है तुमको भुलाने में
वैसे तो जिंदगी मैंने देखे कई रूप तेरे
पर डर लगता है सबको बताने में
अब क्या कहूँ तू तो खुद से करती है नफरत
बड़ा समय लगा ये खुद को समझाने में
फलसफा मेरा हो किसी और का
कोई भेद भाव नहीं तेरे अन्दर
जमाना लगता है ये बातें सबको समझ आने में
तू तो जिंदगी है ,कोई इमां कोई धर्म नहीं है तेरा
किसी से प्यार नहीं , तो नफ़रत भी नहीं
पर बड़ा समय लगाती हो तुम मौत से मिलाने में
आखिरे सांसे और ये दर्द ,
कब तलक देखेंगे हम इस तरह
बहुत समय लगता है मेरी जान
इन्सान को समझाने में

महफ़िल-ये-हसीं में एक शख्स अच्छा सा लगा ,
नज़र से मिला कर नज़र , हटाना अच सा लगा,
वो शख्स जिस पर महफ़िल की आंखें जमी हुई थीं
उस, शख्स का आदाब कहना सब से अच्छा सा लगा
सब हो गए मदहोश पी ,पी कर
सब को दे कर "जाम" हमें ना देना अच्छा सा लगा ,
कुछ देर के लिए ही सही तुम तुम तसरीफ तो लाये
उसके तसरीफ लेन की अदा देख अच्छा सा लगा
अलविदा तो सब ने कहा पर उसकी बात ही कुछ और है
झुक कर खुदा हाफिज कहना ,अच्छा सा लगा ,
ऐसे लोग और ऐसी महफ़िलें ,ये सोच के पिया
फिर हीरे का कोयले से निकलना अच्छा सा लगा !!!!!

लम्बे समय से तलाश थी तुम्हारी
मैंने जीवन का त्याग किया
तरसता रहा सच के लिए तेरे बिना
और अब तुम मुझे मिले हो
तो जैसे सब कुछ मिल गया है !
तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर
देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर
तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !
मुझे पता है की तुम आयी हो प्यार के पंखो के सहारे
स्वर्ग से
तुम लायी हो सच को मेरे पास
जिसके लिए मै तरसता रहा
अब लगता है सफ़र ख़त्म होगा
तुम्हारे साथ !
तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर
देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर
तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !


मै करने चला समर्पित एक माला
ना चाँदी,ना सोना ,ना हिरा ,ना ही मोती
तेरे चरणों में करने चला समर्पित
एक माला मेरे प्रेम की ,
तू निश्छल ,तू ज्ञानी
तुम हो अंतर्यामी
मेरे भी प्रेम को अपनाओ
पहनो मेरी माला प्रेम की ,
तेरे चरणों में सब कुछ है
क्या करूँ समर्पण पीड़ा थी
पहले एक हार बनाया फूलों का
फिर देखा भवरा, उस पर जा बैठा
फिर एक माला बनायीं यादों की
पर उससे भी ख़ुशी न मिली
बहुत सोचा ,बहुत घुमा
कुछ मिला नहीं संसार में
फिर उल्छां क्या करूँ समर्पित
फिर एक विस्वास मिला ,एक आश दिखी
फिर मैंने किया समर्पित
एक माला मेरे प्रेम की !




बुँदे बारिश की सुहानी लगती है इसकदर
जी भर के खेलना चाहता हूँ बचपन की तरह
वही उन्माद ,वही चाहत ,वही प्रेम
सब कुछ सवतंत्र मन से बचपन की तरह
हर बूंद जैसे मन पर गिरती है ,
हर बूंद जैसे सांसो को भिगो देती है
हर साँस भी चल रही थी बचपन की तरह
बचपन मासूम ,भोला ,नटखट और उन्मुक्त बंधन से
जी भर के खेलने को जी कर रहा है ,
आज रात जो बारिश आई तो मनो
लहर सी दौड़ पड़ी ,मै बाहर आया
बारिश में भीगा ,हर बूंद को महसूस किया
खूब बचपना करने की कोशिस भी की
पर आज ऐसा कुछ भी नहीं था बचपन की तरह
कुछ लोग बेघर हो इंजर में थे बारिश के जाने का
शायद मुझे देख कुछ बडबडा भी रहे थे
अब ऐह्शास हुआ अब कुछ भी नहीं रहा बचपन की तरह ,
आज रात बारिश आई तो सोचा जी लूँ थोडा बचपन की तरह

मै डूब जाऊ कही तो मुझे खोजने मत जाना ,
ये तूफान है सागर का,
डूबते कही है और निकलते कही है ,
जो मै कही खो जाऊ तो मेरी तलाश मत करना ,
ये मेला है लोगो को ,
दिखाते एक जैसे है पर होते नहीं है ,
जो मै कभी तुम्हे लगे की भूल जाऊ तो याद मत आना
यादें तस्बीर है कल की ,
दिवार पर तो अच्छी है पर दिल में होती नहीं है ,
जो मै कभी तुम्हे इंकार कर दूँ पहचाने से तो
हैरान मत होना
ये आदत है हम इंसानों की कहते बहुत है करते नहीं हैं
जो मै कभी तुम्हे छोड़ के ग़ुम हो जाऊ कही
मेरे वास्ते दीपक मत जलना ,
इधर दुआ होगी ,उधर तो बस पतिंगा ही जला है
जो मै कभी मेरी आत्मा से नाराज हो जाऊ
परेशां मत होना ,
आवाज मत देना ,
याद मत करना ,
इंतजार भी मत करना ,
ये तो भावनाए है मन
बनती भी यही है और बिगड़ती भी यही है ,
मै डूब जाऊ कही तो मुझे खोजने मत जाना ,
ये तूफान है सागर का,
डूबते कही है और निकलते कही है ,






उन्हें एक शौक था ,दिल लगाने का
हर बार किसी का दिल दुखाने का
गुफ्तगू करते रहे वो हमेशा मुझसे
उन्हें तो शौक है आशिक बनाने का !
आज कहा है आजकल कुछ खबर नहीं
पर आज भी दिल करता है तुम्हे अपना बनाने का
कुछ खास मिला नहीं उनसे यादों के सिवा
तमन्ना भी कहा थी प्यार पाने के सिवा !
एक बार कहा उन्होंने एक संगीत है दिल में
आपके वास्ते ,
आज वो कहा है कुछ कबर नहीं है
वो संगीत और उनका प्यार मेरे दिल में अमर है
उन्हें तो शौक है कहर गिराने का
हमे आज भी तम्मना है उन्हें अपना बनाने का !
तेरे संगीत को भूल जाने की कोसिस जो की
जिंदगी जैसे मौत से मिलाने की हिमाकत सी की
अब और दर्द होने लगा अकेले पन में
तुम्हे तो आदत है हर बसंत में नया घर बनाने की
मै खुश हूँ ,मै हिम्मत जो की आपसे दिल लगाने की ,
बड़े रिश्ते बनाये उस वक़्त तुने
जीने को जी करते था तुम्हे देख कर
हर वक़्त बस ख़ुशी थी चेहरे पर ,पर
तुम्हे तो शौक है रोगों को रुलाने का
आज भी इंतजार तेरे आने का
आज भी लगता है जैसे कल की बात है
आखिरी बातें तेरी सब कुछ याद है
वापस आ जाओ जिंदगी मिल जाएगी मुझे
आज भी तेरे आने का इंतजार है