
हर पल तेरी याद आती है
दिल करता है रूबरू हो जाऊ
तुम तो शबनम हो जन्नत की
तिल करता है तेरी खुशबु हो जाऊ
हिम्मत नहीं करता दिल कभी कहने की
लगता है जैसे तेरे प्यार में फ़ना हो जाऊ
समंदर को प्यास है किसी से मिलने की
दिल करता है समंदर ही तेरे नाम कर जाऊ
मेरी इन्तहां को बुजदिली का नाम मत देना
कही मै तुम्हारी जिंदगी न बन जाऊ
सफ़र तो चलता रहता है जिंदगी का
सोचत हूँ तुम्हे जिंदगी की मंजिल बना जाऊ
दिल रखते है इसलिए दिल की बात करते है
एक बार अजमा के देख तुझे ही अपना खुदा बना जाऊ
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