
हर वक़्त सांसो की आहत को महसुसू करता हूँ
तेरी खुशबु इन हवाओं में धुड़ता हूँ
खुदा के दरवाजे पे दीपक जला कर
तेरे घर में उजाले की दुआ करता हूँ!!
खुदा मेहरबान है तेरी किस्मत पर
मुझे खुद भी गुमान है तेरी हिम्मत पर
इसी गुमान में जीवन गुजर जाये
इसी जीवन में तेरी खुशियों की दुआ करता हूँ
तुझे तो सब कुछ मिला , जो तुने चाहा
ये सच है की ,तुने मुझे कभी नहीं चाहा
पर तेरी इसी नफरत को मुह्हबत मान कर
मै जिंदगानी बसर करना चाहता हूँ !
कोई तमन्ना नहीं है ,"raj" ये आखिरी है
भूल सको तो भूल जाना मुझे , ये काफिरी है
फिर भी आखिरी सांसों में बन कर रहोगी आहट तुम
यही खुदा से आखिरी गुजारिश करता हूँ !!!!!
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