मै लिखता हूँ तुम कहते हो की खूब लिखा क्या खूब लिखा मेरे दर्द पर ताली बजती है ना तुम्हे दिखा न उन्हें दिखा ...............................
Tuesday, March 29, 2011
तुम जो एक बार कह देते तो
Wednesday, March 23, 2011
love that i can not define
you are in my dream thats why i do not want to wake up
you are in soul thats why do not want to die early
you are the most beautiful thing in universe
thats why i do not want to lose you
you are the morning thought of my mind
thats why i do not want create any alternate
you are the sound of that song which i heard every night
thats why i can not live without you
you are the most lovable thing in world after you
thats why i do not want to lose you
i am the part of your
i love you so much
thats why i want to live with you always
and forever ......
love you mom
Monday, March 21, 2011
तुम्हारी आँखों में जब से देखा है
तुम्हारी आँखों में जब से देखा है
डर लगता है तेरे एशियाने में
तेरे चहरे को जब से देखा है
डर लगता है तेरे पास आने में
मैंने जब से तुम्हे चाहा है
डर लगता है तुमको भुलाने में
वैसे तो जिंदगी मैंने देखे कई रूप तेरे
पर डर लगता है सबको बताने में
अब क्या कहूँ तू तो खुद से करती है नफरत
बड़ा समय लगा ये खुद को समझाने में
फलसफा मेरा हो किसी और का
कोई भेद भाव नहीं तेरे अन्दर
जमाना लगता है ये बातें सबको समझ आने में
तू तो जिंदगी है ,कोई इमां कोई धर्म नहीं है तेरा
किसी से प्यार नहीं , तो नफ़रत भी नहीं
पर बड़ा समय लगाती हो तुम मौत से मिलाने में
आखिरे सांसे और ये दर्द ,
कब तलक देखेंगे हम इस तरह
बहुत समय लगता है मेरी जान
इन्सान को समझाने में
Friday, March 11, 2011

महफ़िल-ये-हसीं में एक शख्स अच्छा सा लगा ,
नज़र से मिला कर नज़र , हटाना अच सा लगा,
वो शख्स जिस पर महफ़िल की आंखें जमी हुई थीं
उस, शख्स का आदाब कहना सब से अच्छा सा लगा
सब हो गए मदहोश पी ,पी कर
सब को दे कर "जाम" हमें ना देना अच्छा सा लगा ,
कुछ देर के लिए ही सही तुम तुम तसरीफ तो लाये
उसके तसरीफ लेन की अदा देख अच्छा सा लगा
अलविदा तो सब ने कहा पर उसकी बात ही कुछ और है
झुक कर खुदा हाफिज कहना ,अच्छा सा लगा ,
ऐसे लोग और ऐसी महफ़िलें ,ये सोच के पिया
फिर हीरे का कोयले से निकलना अच्छा सा लगा !!!!!
Thursday, March 10, 2011
लम्बे समय से तलाश थी तुम्हारी

लम्बे समय से तलाश थी तुम्हारी
मैंने जीवन का त्याग किया
तरसता रहा सच के लिए तेरे बिना
और अब तुम मुझे मिले हो
तो जैसे सब कुछ मिल गया है !
तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर
देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर
तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !
मुझे पता है की तुम आयी हो प्यार के पंखो के सहारे
स्वर्ग से
तुम लायी हो सच को मेरे पास
जिसके लिए मै तरसता रहा
अब लगता है सफ़र ख़त्म होगा
तुम्हारे साथ !
तुम आये मेरे जीवन में एक खुदा बनाकर
देखो ना अजनबी स्वतन्त्र है मेरे अन्दर
तुम्हारे सच्चे प्रेम भाव को महसूस करने के लिए !
Tuesday, March 8, 2011
अब और खुश रहने को जी नहीं करता

